माँ दुर्गा पर कविता 2019 – Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019 – Poem on Maa Durga in Hindi

माँ दुर्गा पर कविता 2019 – Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019 – Poem on Maa Durga in Hindi

September 19, 2019 0 By Rupesh Goyal

माँ दुर्गा पर कविता 2019 :- इस वर्ष 29 सितम्बर रविवार से नवरात्र का शुभ पर्व शुरू हो रहे हैं। इस पर्व को पुरे भारतवर्ष में सभी हिन्दू परिवारों में बड़े ही उत्साह पूर्वक बनाया जाता है | कहा जाता है की वर्ष में दो बार नवरात्रि का पर्व आता है लेकिन दोनों ही नवरात्र का महत्व और पूजा विधि अलग है | यह पर्व नौ दिन तक चलता है और नौ दिनों में नौ देवी की पूजा अर्चना की जाती है | आज में आपके साथ यह पोस्ट ” माँ दुर्गा पर कविता 2019, Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019, Poem on Maa Durga in Hindi ” शेयर कर रहा हु जिसे आप अपने परिवारजनों के साथ आसानी से सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर कर सकते है |

माँ दुर्गा पर कविता

यहां पर रखी मां हटानी नहीं थी
झूठी भक्ति उसकी दिखानी नहीं थी
चली आ रही शक्ति नवरात्रि में जब
जला ज्योति की अब मनाही नहीं थी
करे वंदना उसी दुर्गे की सदा जो
मनोकामना पूर्ण ढिलाई नहीं थी
चले जो सही राह पर अब हमेशा
उसी की चंडी से जुदाई नहीं थी
कपट, छल पले मन किसी के कभी तो
मृत्यु बाद कोई गवाही नहीं थी
सताया दुखी को किसी को धरा पर
कभी द्वार मां से सिधाई नहीं थी
चली मां दुखी सब जनों के हरन दुख
दया के बिना अब कमाई नहीं थी
भवानी दिवस नौ मनाओ खुशी से
बिना साधना के रिहाई नहीं थी

Maa Durga Par Kavita in Hindi

माँ दुर्गा पर कविता 2019 – Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019 - Poem on Maa Durga in Hindi

माँ दुर्गा पर कविता 2019 – Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019 – Poem on Maa Durga in Hindi

सिंह की सवार बनकर
रंगों की फुहार बनकर
पुष्पों की बहार बनकर
सुहागन का श्रंगार बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
खुशियाँ अपार बनकर
रिश्तों में प्यार बनकर
बच्चों का दुलार बनकर
समाज में संस्कार बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
रसोई में प्रसाद बनकर
व्यापार में लाभ बनकर
घर में आशीर्वाद बनकर
मुँह मांगी मुराद बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
संसार में उजाला बनकर
अमृत रस का प्याला बनकर
पारिजात की माला बनकर
भूखों का निवाला बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी बनकर
चंद्रघंटा, कूष्माण्डा बनकर
स्कंदमाता, कात्यायनी बनकर
कालरात्रि, महागौरी बनकर
माता सिद्धिदात्री बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
तुम्हारे आने से नव-निधियां
स्वयं ही चली आएंगी
तुम्हारी दास बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

Durga Mata Par Kavita in Hindi for facebook

अश्रुधार भरी आंखों से, किस विधि दर्शन पाऊं मां,
मन मेरे संताप भरा है, मैं कैसे मुस्काऊं मां।
कदम-कदम पर भरे हैं कांटे, ऊंची-नीची खाई है,
दुःखों की बेड़ी पड़ी पांव में, किस विधि चलकर आऊं मां।
अश्रुधार भरी आंखों से, किस विधि दर्शन पाऊं मां।
सुख और दुःख के भंवरजाल में, फंसी हुई है मेरी नैया,
कभी डूबती, कभी उबरती, आज नहीं है कोई खिवैया।
छूट गई पतवार हाथ से, किस विधि पार लगाऊं मां,
अश्रुधार भरी आंखों से, किस विधि दर्शन पाऊं मां।
पाप-पुण्य के फेर में फंसा हूं, मैंने सुध-बुध खोई मां,
अंदर बैठी मेरी आत्मा, फूट-फूटकर रोई मां।
बोल भी अब तो फंसे गले में, आरती किस विधि गाऊं मां,
अश्रुधार भरी आंखों से, किस विधि दर्शन पाऊं मां।
पाप-पुण्य में भेद बता दे, धर्म-कर्म का ज्ञान दे,
मेरे अंदर तू बैठी है, इतना मुझको भान दे।
फिर से मुझमें शक्ति भर दे, फिर से मुझमें जान दे,
नवजात शिशु-सा गोद में खेलूं, फिर बालक बन जाऊं मां।
तू ही बता दे, किन शब्दों में, तुझको आज मनाऊं मां,
अश्रुधार भरी आंखों से, किस विधि दर्शन पाऊं मां।

Maa Durga Par Kavita in Hindi for whatsapp

नवरात्री में नवदुर्गा नव नव रूप धरे
हर रूप की अपनी महिमा
कुछ शब्द न कह पाएं
शैलपुत्री तुम प्रथम कहलाती
हिमराज की सुता कहलाती
द्वित्य ब्रह्म चारिणी हो तुम
दुखियों की दुखहारिणी हो तुम
चंद्र घटना तृतीय रूप है तेरा
दुष्ट प्रकम्पित होते सारा
कुश्मांड़ा तेरा रूप चतुर्थकम
उल्लास का देती नया सोपनं
पंचम स्कन्द माता कहलाती
कार्तिकेय के संग पूजी जाती
षष्टम कात्यायनी हो तुम
कात्यान ऋषि की सुता हो तुम
कालरात्रि तेरा सप्तम रूप है
दुष्टो का बेडा गर्क है
अष्टम में तुम महा गौरी
कुंदन सुमन सी कोमल नारी
नवम सिद्धि दात्री हो तुम
सुख समृद्धि और मोक्ष की माता हो तुम

Poem on Maa Durga in Hindi

अगर आप माँ दुर्गा पर कविता, दुर्गा अष्टमी पर कविता हिंदी में, दुर्गा अष्टमी पर कविता, दुर्गा अष्टमी पर कविता इन हिंदी, चैत्र नवरात्रि पर स्पेशल शायरी, Durga mata par kavita in hindi, maa durga par kavita in hindi, poem on maa durga in hindi for facebook and whatsapp, Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019, Maa Durga Par Kavita in Hindi for friends आदि खोज रहे है तो यह से प्राप्त कर सकते है व् साथ ही साथ अपने प्रियगनो और मित्रो को सोशल मीडिया पर भी आसानी से शेयर कर सकते है | आप सभी को चैत्र नवरात्री की बहुत बहुत शुभकामनाये |

Poem on Maa Durga in Hindi 2019

माँ दुर्गा पर कविता 2019 – Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019 - Poem on Maa Durga in Hindi

तू ही कर्म कराती मैय्या, तू ही भाग्य बनाती है,
सारी दुनिया तेरी महिमा, तू ही खेल रचाती है।
ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव, सब में तेरी शक्ति मां,
कभी तू गौरी, कभी कालिमा, नित नए रूप बनाती मां।
तू ही शक्ति, तू ही भक्ति, विद्या और अविद्या है,
राम भी तू, रावण भी तू ही, तू ही युद्ध रचाती है।
सूरज-चंदा तेरे सहारे, सप्तऋषि और सारे तारे,
सारी सृष्टि उधर घूमती, तू करती जिस ओर इशारे।
आग में बाग लगाती मैय्या, सागर पीती बन ज्वाला,
पूजा-पाठ की अग्नि तू ही, मधुशाला की तू हाला।
तूने जन्मा सारे जग को, तू ही गोद खिलाती है,
कालचक्र का घुमा के पहिया, वापस हमें बुलाती है।
सारी दुनिया तेरी महिमा, तू ही खेल रचाती है।

माँ दुर्गा पर कविता इन हिंदी

सारे जग की माता हो तुम
सब की हो पालन हार
अतुलनीय रूप है तेरा
शक्ति तेरा है अपरम्पार
बसंत ऋतू का समागम हो गया है
चैत्र नवरात्री का आगमन हो गया है
शुभ आगमन है माँ शुभ आगमन है
आपके पदार्पण से कलियाँ खिल गयी है
चेहरे की उदासी को हसीं मिल गयी है
आश्रु से भरी आँखें सजल हो गयी है
दुखो के बेड़ियाँ जैसा सब नष्ट हो गयी है
शुभ आगमन है माँ शुभ आगमन है

माता रानी पर कविता इन हिंदी

माँ दुर्गा पर कविता 2019 – Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019 - Poem on Maa Durga in Hindi

माँ दुर्गा पर कविता 2019 – Maa Durga Par Kavita in Hindi 2019 – Poem on Maa Durga in Hindi

गूंज उठा जयकारा पृथ्वी और गगन से
भक्त वृन्द मगन हुए आपके दर्शन से
नूपुर और ढाक का संगीत गूंज रहा है
जन जन में आपका स्वररूप दिख रहा है
शुभ आगमन है माँ शुभ आगमन है
फुले पे बहार बांके कलियों की निखार बनके
रंगो का गुलाल बनके सिंह पे सवार होके
आजा मेरी माँ आजा
शुभ आगमन है माँ शुभ आगमन है