रक्षाबंधन पर कविता 2018 – Rakshabandhan Par Kavita in Hindi

रक्षाबंधन पर कविता 2018 – Rakshabandhan Par Kavita in Hindi

August 19, 2018 3 By Rupesh Goyal

रक्षाबंधन भाई बहन का त्यौहार है इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और भाई अपनी बहन के पेअर छूकर आशीर्वाद लेते है और भाई बहन की सुरक्षा का वादा करते है. आज में आपके साथ रक्षाबंधन पर कविता 2018, Rakshabandhan Par Kavita in Hindi साँझा कर रहा हु जिसे आप अपने प्यारे भाई, बहनो व् अपने दोस्तों के साथ व्हाट्सप्प, फेसबुक पर आसानी से शेयर कर सकते है |

रक्षाबंधन पर कविता 2018

रक्षाबंधन पर कविता 2018 – Rakshabandhan Par Kavita In Hindi

राखी आयी खुशियां लायी
बहन आज फूलें न समाई
रखी, रोली और मिठाई
इन सब से थाली खूब सजाई !

बांधे भाई के कलाई पे धागा
भाई से लेती हैं वादा
रखी की लाज भैया निभाना
बहन को कभी भूल न जाना !

भाई देता बहन को वचन
दुःख उसके सब कर लेंगा हरन
भाई बहन का प्यार हैं
त्यौहार रखी का न्यारा हैं !

राखी बांधत जसोदा मैया ।
विविध सिंगार किये पटभूषण, पुनि पुनि लेत बलैया ॥
हाथन लीये थार मुदित मन, कुमकुम अक्षत मांझ धरैया।
तिलक करत आरती उतारत अति हरख हरख मन भैया ॥
बदन चूमि चुचकारत अतिहि भरि भरि धरे पकवान मिठैया ।
नाना भांत भोग आगे धर, कहत लेहु दोउ मैया॥
नरनारी सब आय मिली तहां निरखत नंद ललैया ।
सूरदास गिरिधर चिर जीयो गोकुल बजत बधैया ॥

Rakshabandhan Par Kavita in Hindi

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जाति-धर्म के तोड़ता बंधन, फिर भी सबको है भाता।
कांटे भी खिलते फूलों से, जब रक्षाबंधन है आता।।

प्राणवायु नहीं दिखती फिर भी, जीवन उसी से है चलता।
बहन हो कितने दूर भी, फिर भी राज उसी का है चलता।।
जंजीरें भी जकड़ न पाएं, मन इतना चंचल होता।
पल में अवनि, पल में अंबर, पल में सागर में खोता।।

इतने चंचल मन को बांधा, इक रेशम के धागे ने,
हंसते-हंसते खुद बंध जाना, सबके मन को है भाता।
कांटे भी खिलते फूलों से, जब रक्षाबंधन है आता।

भाई ने दिया बहन को वचन
हमेशा रहूँगा तेरे संग
यह राखी का त्यौहार है
भाई – बहन का इसमें प्यार है.

देखो आज राखी आई
सुबह से बहन फुले न समाई
राखी के साथ रखी मिठाई
इन चीजो से थाली सजाई